क्या आपने कभी सोचा था कि एक दिन आपके गांव का किसान भी AI से अपनी मातृभाषा में बात कर सकेगा? यह सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है — और इसे साकार कर रही है Bengaluru की एक startup, जिसका नाम है Sarvam AI
Sarvam AI क्या है?
Sarvam AI एक भारतीय Artificial Intelligence कंपनी है जिसकी स्थापना 2023 में Dr. Vivek Raghavan और Dr. Pratyush Kumar ने की थी। ये दोनों पहले IIT Madras के AI4Bharat प्रोजेक्ट से जुड़े थे। उनका मकसद साफ था — ऐसा AI बनाओ जो सच में भारत के लिए हो, सिर्फ अंग्रेजी बोलने वालों के लिए नहीं।
ChatGPT और Claude जैसे विदेशी AI Tools बेशक ताकतवर हैं, लेकिन जब बात आती है भोजपुरी, मराठी, तमिल या ओडिया में बात करने की — तो वो अक्सर लड़खड़ा जाते हैं। यहीं से Sarvam AI की जरूरत शुरू होती है।
Sarvam AI के नए Models — Sarvam 30B और 105B
फरवरी 2026 में दिल्ली में हुए India AI Impact Summit में Sarvam ने दो बड़े AI Models लॉन्च किए:
Sarvam 30B — यह एक ऐसा model है जो रोजमर्रा की बातचीत के लिए बना है। इसे 16 trillion tokens पर train किया गया है और यह feature phones पर भी चल सकता है। सोचिए — एक साधारण Nokia फोन पर भी AI Assistant!
Sarvam 105B — यह ज्यादा complex काम के लिए है, जैसे legal documents समझना, enterprise workflows या deep reasoning। इसकी context window 128,000 tokens तक है। कंपनी का दावा है कि यह OpenAI के GPT-120B को भी कुछ benchmarks में पीछे छोड़ देता है।
दोनों Models को scratch से बनाया गया है, किसी पुराने open source model को fine-tune नहीं किया — यह बात इन्हें खास बनाती है।
Indus App — अब हर किसी के हाथ में
Models के साथ-साथ Sarvam ने Indus नाम से एक chat app भी launch किया है जो iOS, Android और Web पर उपलब्ध है। आप बोलकर या लिखकर — दोनों तरीकों से सवाल पूछ सकते हैं और जवाब text और audio दोनों में मिलता है।
अभी यह beta में है और India में ही accessible है, लेकिन जिस तरह का interest है उसे देखकर लगता है यह जल्द ही बड़े पैमाने पर rollout होगा।
भाषाओं की ताकत — यही असली USP है
Sarvam AI के पास कुछ ऐसे tools हैं जो इसे बाकी AI से अलग बनाते हैं:
Bulbul (Text-to-Speech) — 11 भारतीय भाषाओं में 39 अलग-अलग आवाजें
Saaras (Speech-to-Text) — सभी 22 scheduled Indian languages support करता है, साथ ही code-mixed speech भी समझता है
Sarvam Vision — 22+ Indian languages में documents, हस्तलिखित text और mixed scripts पढ़ सकता है
इन tools की मदद से Sarvam ने UIDAI (Aadhaar) के साथ partnership की है ताकि Aadhaar से जुड़ी services आम लोग अपनी भाषा में access कर सकें।
Sarvam Kaze — AI अब चश्मे में
Summit में एक और चीज़ ने सबको चौंका दिया — Sarvam Kaze, AI-powered smart glasses। ये चश्मा आपकी बात सुनता है, समझता है और real-time में जवाब देता है। साथ ही यह आप जो देखते हैं उसे भी capture करता है। 10 से ज्यादा Indian languages support करता है और May 2026 में launch होने वाला है।
Government का Support — IndiaAI Mission
Sarvam AI को सिर्फ private investors का ही नहीं, बल्कि भारत सरकार का भी भरोसा मिला है। IndiaAI Mission के तहत Sarvam को ₹246 करोड़ से ज्यादा की funding और compute support मिली है। इसके अलावा Yotta और Nvidia का technical support भी है।
Union Minister अमित शाह ने Summit में कहा कि Sarvam AI यह साबित करता है कि AI का भविष्य भारत का है।
Nokia Feature Phones और Cars में भी AI
Sarvam ने HMD (Nokia phones बनाने वाली कंपनी) के साथ partnership की है। इसका मतलब है कि जल्द ही एक ₹2000-3000 वाले feature phone पर भी AI Assistant होगा जो हिंदी, मराठी या भोजपुरी में सरकारी योजनाओं के बारे में बताएगा। इसके अलावा Bosch के साथ automotive AI के लिए भी काम चल रहा है।
Sarvam AI क्यों जरूरी है?
बात सिर्फ technology की नहीं है। असली बात यह है कि भारत की 140 करोड़ की आबादी में से बड़ा हिस्सा अंग्रेजी नहीं जानता। जब तक AI सिर्फ अंग्रेजी बोलेगा, तब तक वो सच में “सबका” नहीं बन सकता।
Sarvam AI इस gap को भरने की कोशिश कर रहा है — और अब तक की progress देखकर लगता है कि यह कोशिश सही दिशा में जा रही है।
निष्कर्ष
Sarvam AI अभी एक startup है, लेकिन इसकी सोच बड़ी है। विदेशी AI पर निर्भरता कम करना, भारत के डेटा को भारत में ही रखना, और हर भाषा के इंसान तक technology पहुंचाना — ये सब मिलकर एक ऐसे भविष्य की नींव रख रहे हैं जिसकी हमें जरूरत थी।
अगर आप Sarvam AI को खुद try करना चाहते हैं तो Indus app download करें और देखें कि AI अब सच में आपकी भाषा बोलता है।